उत्तराखंड में मतदाता सूची पर संग्राम: वोट कटने पर कांग्रेस की चुनाव आयोग को आंदोलन की चेतावनी

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देहरादून। राजधानी देहरादून में मतदाता सूची संशोधन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मतदाता सूची से किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया, तो पार्टी इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में जोरदार आंदोलन छेड़ेगी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आयोग स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सरकार के दबाव में फैसले ले रहा है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाम हटाने, जोड़ने या बहाल करने की प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटल सिस्टम के जरिए फैसलों को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। धस्माना ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं यदि सत्ताधारी दल के इशारे पर काम करेंगी तो लोकतंत्र की साख को भारी नुकसान पहुंचेगा।

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अपने आरोपों के पक्ष में धस्माना ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे। बाद में जब मामला ट्रिब्यूनल में गया, तब ट्रिब्यूनल के स्पष्ट आदेशों के बाद ही उन योग्य मतदाताओं को दोबारा उनका वोटिंग अधिकार मिल सका था।

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कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के सीधे दबाव में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम छांटकर काटे जा रहे हैं। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता चुप बैठने के बजाय सड़कों पर उतरकर ईंट से ईंट बजा देंगे।