धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: पीएम मोदी के 25 साल के कार्यकाल पर पारित किया धन्यवाद प्रस्ताव

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हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हरिद्वार में गंगा तट स्थित मेला नियंत्रण भवन में प्रदेश मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सरकार के प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर राज्य सरकार की ओर से एक विस्तृत धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के इस लंबे कार्यकाल को सुशासन, समर्पण, जनसेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का अनूठा उदाहरण बताया।

धन्यवाद प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए मंत्रिमंडल ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक यात्रा की शुरुआत की थी। सरकार के प्रमुख के रूप में इन 25 वर्षों की अटूट यात्रा में उन्होंने जनसेवा को ही सर्वोपरि रखा है। देश में जनधन योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से करोड़ों नागरिकों का जीवन स्तर सुधरा है, जबकि डिजिटल इंडिया और यूपीआई ने पारदर्शी शासन की नींव रखी है।

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उत्तराखंड के संदर्भ में प्रस्ताव में कहा गया कि संकट और आपदा की हर घड़ी में प्रधानमंत्री ने एक मजबूत अभिभावक की तरह राज्य का मार्गदर्शन किया है। नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चले 17 दिवसीय ऐतिहासिक बचाव अभियान के दौरान वे लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। इसके साथ ही वर्ष 2024 में सहस्त्रताल व केदारनाथ मार्ग आपदा और अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा के समय भी केंद्र सरकार और वायुसेना ने राहत कार्यों में अभूतपूर्व सहयोग दिया।

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प्रस्ताव में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए क्रांतिकारी बदलावों को भी रेखांकित किया गया। 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के लोकार्पण के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र ढाई घंटे रह गया है। इसके अलावा 12,595 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग विकास परियोजना, 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, तथा सोनप्रयाग-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी और पर्यटन को अभूतपूर्व पंख लगे हैं।

मंत्रिमंडल ने इस बात पर भी विशेष खुशी जताई कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ जैसी दशकों से लंबित बहुउद्देशीय परियोजनाओं को गति मिली है। किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर बनने से कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट इलाज मिल सकेगा। साथ ही, सीमांत गांवों को ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ का दर्जा देकर वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के 51 गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और आदि कैलाश यात्रा को दिए गए प्रोत्साहन का ही नतीजा है कि सीमांत क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। हर्षिल और मुखवा क्षेत्र से प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद शीतकालीन यात्रा में आने वाले पर्यटकों की संख्या 80 हजार से बढ़कर करीब डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। धामी सरकार ने संकल्प दोहराया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में ‘विकसित उत्तराखंड’ अपनी पूरी क्षमता के साथ अग्रणी भूमिका निभाएगा।