देहरादून। आगामी चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में नए सिरे से गठित हुए 810 पोलिंग बूथों पर अपनी संगठन टीम को मजबूत करने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी प्रदेशभर में ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है और इन सभी नए मतदान केंद्रों के लिए 15 सितंबर तक विशेष ‘बूथ सशक्तिकरण अभियान’ चला रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पार्टी का पूरा फोकस नए बूथों पर कार्यकर्ताओं का सशक्त ढांचा तैयार करने पर है।
प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण मतदान केंद्रों की संख्या में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। पहले उत्तराखंड में कुल 11,733 मतदान केंद्र थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 12,543 हो गई है। चुनाव आयोग ने जिन बूथों पर 1,200 से अधिक मतदाता थे, उनका पुनर्गठन किया है, जिसके चलते राज्य में 810 नए पोलिंग बूथ अस्तित्व में आए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, पार्टी ने राज्य के पुराने 11,733 मतदान केंद्रों के लिए बूथ स्तर की टीमें पहले ही गठित कर ली थीं। हालांकि, पुनर्गठन के बाद बने नए 810 बूथों के लिए अब नए सिरे से कार्यकर्ताओं की सशक्त और समर्पित टीमें तैयार की जा रही हैं। ये सभी 810 बूथ आगामी चुनावों में पहली बार नए मतदाताओं के मतदान का केंद्र बनेंगे, जिन्हें ध्यान में रखते हुए भाजपा का यह विशेष अभियान 15 सितंबर तक जारी रहेगा।
चुनाव में जनसमर्थन और सामाजिक आधार को विस्तार देने के उद्देश्य से भाजपा प्रदेशभर में काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों को भी अपने साथ जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जानकारी दी कि राज्य में जितने भी एनजीओ सक्रिय हैं, उन्हें पार्टी के विशेष प्रकोष्ठ की मदद से एक मंच पर लाने और संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उत्तराखंड के चार प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है, जो इस बैठक में शिरकत करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

