Uttarakhand: 104 नंबर से 27 बीमारियों और योजनाओं की 24×7 निगरानी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

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देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय देहरादून से संचालित 104 हेल्पलाइन कॉल सेंटर के जरिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब इस कॉल सेंटर से राज्यभर की 27 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं और गंभीर बीमारियों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत अब तक 1.38 करोड़ से अधिक कॉल्स के जरिए मरीजों से सीधे संपर्क कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना गया है।

यह 104 कॉल सेंटर सिर्फ आम जनता की शिकायतें या पूछताछ दर्ज करने तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने इसे एक एक्टिव हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में ढाल दिया है। इसके तहत दूरदराज के गांवों में रहने वाले जरूरतमंद मरीजों से कॉल सेंटर के प्रतिनिधि खुद संपर्क करते हैं और उनके जारी इलाज, दवाओं तथा अस्पताल की स्थिति का लगातार फॉलोअप लेते हैं।

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स्वास्थ्य विभाग ने इस व्यवस्था में आयुष्मान भारत योजना, आशा कार्यकर्ताओं की ट्रैकिंग, चारधाम यात्रा स्वास्थ्य सेवा, ई-संजीवनी और काउंसलिंग जैसी सुविधाओं को शामिल किया है। इसके अलावा डेंगू, टीबी, हीमोफीलिया, हेपेटाइटिस, एचआईवी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे मरीजों की स्थिति पर भी कॉल सेंटर से पैनी नजर रखी जा रही है।

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इस पूरी प्रणाली की सबसे खास बात इसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था है। प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज का पंजीकरण होते ही उसका डेटा 104 कॉल सेंटर से जुड़ जाता है। इसके बाद गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय-समय पर कॉल करके उनके स्वास्थ्य सुधार की जानकारी ली जाती है और जरूरत पड़ने पर चिकित्सीय परामर्श भी दिया जाता है।

विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को इस सिस्टम से मजबूती मिली है। महिलाओं की गर्भावस्था के तीसरे महीने से लेकर प्रसव तक नियमित टीकाकरण और जरूरी जांचों का फॉलोअप लिया जा रहा है। वहीं, बच्चे के जन्म के बाद करीब डेढ़ साल तक उसके स्वास्थ्य और सुरक्षात्मक टीकों की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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व्यवस्था की सफलता पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। 104 हेल्थ हेल्पलाइन न केवल मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, बल्कि खुद लाभार्थियों तक पहुंचकर सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतर फॉलोअप भी सुनिश्चित कर रही है।

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