उत्तराखंड की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर को मिली वैश्विक पहचान: सीएम पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है। केदारनाथ, बदरीनाथ और आदि कैलाश जैसे पवित्र धामों में प्रधानमंत्री के दौरों और वहां चल रही विकास परियोजनाओं ने इन धार्मिक स्थलों की विश्वभर में ब्रांडिंग की है।

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साल 2013 की भीषण आपदा में तबाह हुए केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ही गहरी रुचि दिखाई थी और केंद्र की सत्ता संभालने के बाद इस पुनर्विकास परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया। इस यात्रा को और अधिक सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

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इसके तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक लगभग 4,081 करोड़ रुपये की लागत से 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे बनेगा, जबकि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक करीब 2,730 करोड़ रुपये की लागत से 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बेहद आसानी होगी।

इसके साथ ही बदरीनाथ धाम को एक ‘स्मार्ट आध्यात्मिक पर्वतीय नगर’ के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 255 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजना, मानसखंड मंदिर माला मिशन, रोपवे नेटवर्क और चारधाम सड़क परियोजना से राज्य में कनेक्टिविटी काफी मजबूत हुई है, जिससे उत्तराखंड तेजी से विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है।