उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की एक विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर एक युवती से चार साल तक लगातार दुराचार करने और उसे ब्लैकमेल करने के गंभीर मामले में आरोपी लेक्चरर को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट की जज मंजू सिंह मुंडे ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोषी पर 10 साल की जेल के साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मूल रूप से अलीगढ़ के अनूपशहर का रहने वाला दोषी सैफ अहमद साल 2019 में देहरादून में की पढ़ाई कर रहा था, इसी दौरान इंस्टाग्राम के जरिए उसका परिचय पीड़िता से हुआ था।
सैफ ने धीरे-धीरे शादी का झांसा देकर पीड़िता और उसके परिवार का विश्वास जीत लिया और वर्ष 2019 में ही वह युवती को प्रिंस चौक स्थित एक होटल में ले गया, जहां उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर लड़की के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भी ले लीं, जिनके बल पर वह लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा।
इसके बाद उसने देहरादून, दिल्ली, मसूरी और बाद में मुरादाबाद के एक बड़े कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर में भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जहां वह लेक्चरर के पद पर नियुक्त हुआ था। जुलाई 2023 में जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो सैफ के परिजनों ने न सिर्फ शादी से साफ इनकार कर दिया बल्कि पीड़िता के परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने सितंबर 2023 में देहरादून के क्लेमनटाउन थाने में सैफ अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर बुधवार को यह कड़ा फैसला सुनाया।

