मैट्रिमोनियल साइट पर जीवनसाथी ढूंढना पड़ा भारी, ऋषिकेश की महिला ने गंवाए 50 लाख

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उत्तराखंड में वैवाहिक वेबसाइटों के माध्यम से भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले शातिर साइबर अपराधियों का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऋषिकेश की रहने वाली एक महिला को मैट्रिमोनियल साइट पर जीवनसाथी की तलाश करना उस समय बेहद भारी पड़ गया, जब एक शातिर ठग ने खुद को विदेशी नागरिक और बड़ा सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर शादी का झांसा दिया और महिला की करीब 50 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई हड़प ली।

पीड़िता की लिखित शिकायत पर देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने शादी के लिए एक प्रतिष्ठित मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी, जिसके बाद जुलाई 2024 में उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश आया।

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कॉलर ने अपना नाम ‘राज आन्द्रे’ बताया और खुद को विदेश में रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर व विदुर घोषित करते हुए कहा कि उसकी पत्नी का निधन हो चुका है और उसके छोटे बेटे को एक मां की सख्त जरूरत है। इस तरह भावनात्मक जाल बुनकर उसने महिला का पूरा भरोसा जीत लिया।

महिला का विश्वास जीतने के बाद ठग ने एक नया पैंतरा चला और बताया कि उसने शादी के शगुन और उपहार के तौर पर एक कीमती आईफोन, डायमंड रिंग और 20 हजार अमेरिकी डॉलर का एक पार्सल भारत भेजा है। इसके कुछ दिनों बाद महिला के पास अलग-अलग अनजान नंबरों से फोन आने लगे, जिसमें फोन करने वालों ने खुद को दिल्ली या मुंबई एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारी के रूप में पेश किया।

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जालसाजों ने महिला को डराया कि उनका विदेशी पार्सल एयरपोर्ट पर अवैध रूप से फंस गया है और यदि वे भारी जुर्माना व टैक्स नहीं चुकाती हैं, तो उनके खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानूनी पचड़े और बदनामी के डर से घबराकर महिला ने जालसाजों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में टुकड़ों-टुकड़ों में कुल 49.70 लाख रुपये (करीब 50 लाख) ट्रांसफर कर दिए।

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इसके बाद भी ठगों का लालच कम नहीं हुआ और उन्होंने CBI, FBI और स्थानीय पुलिस का डर दिखाकर महिला से 8.60 लाख रुपये की और अतिरिक्त मांग की, जिसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस बड़े डिजिटल फ्रॉड की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों के विवरण के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं।

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