देश में कैंसर के इलाज को लेकर केंद्र सरकार ने कैंसर की अत्यंत आवश्यक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी करने को अपनी हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस बड़े फैसले का सबसे व्यापक और सीधा असर प्लेटिनम आधारित कीमोथेरेपी दवाओं पर पड़ने की संभावना है। यह नीतिगत निर्णय ऐसे संवेदनशील समय में लिया गया है, जब देश के विभिन्न बड़े अस्पतालों में सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन जैसी बेहद महत्वपूर्ण और आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है।
केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की कीमतों में इस रणनीतिक संशोधन से दवा निर्माता कंपनियों को उनका उत्पादन बढ़ाने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी, जिससे देश के फार्मास्युटिकल बाजार में इन आवश्यक दवाओं की निरंतर आपूर्ति को बेहतर और सुचारू बनाया जा सकेगा।
इस महत्वपूर्ण कदम को आगे बढ़ाते हुए सरकार के फार्मास्युटिकल्स विभाग ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण को आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ एक आधिकारिक पत्र भी भेज दिया है, ताकि मूल्य वृद्धि की प्रक्रिया को सही और पारदर्शी तरीके से लागू किया जा सके।

