कुदरत से मुहब्बत करने वाला जो सैलानी उत्तराखंड आता है वो फूलों की घाटी घूमने भी जरूर जाता है। साल भर में एक बार सैलानियो के लिए खुलने वाली फूलों की घाटी में सैकड़ों किस्म के फूल खिलते हैं इनमें कुछ बेहद खुशुबूदार होते हैं। कहा जाता है घाटी में खिल कुछ फूलों की खुशबू में अजीब सा नशा भी होता है कि आदमी अपनी सुध-बुध खो बैठता है। हालांकि पार्क प्रशासन सैलानियो को ऐसे इलाकों में दाखिल होने की इजाजत नहीं देता तमाम तरह की चेतावनियां दी गई होती हैं।
बहरहाल दयारा बुग्याल से बबीता को लापता हुए एक पखवाड़ा होने को है अभी तक उसका कोई सुराग सर्च टीम को नहीं मिला है इधर सैलानियों के लिए इसी जून माह में खुली फूलों की घाटी से भी एक पर्यटक के लापता होने की खबर आई है। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद निवासी गब्बर सिंह मंगलवार को फूलों की घाटी देखने गए थे लेकिन खबर लिखे जाने तक घर नहीं लौटे हैं।
बताया जा रहा है कि उनका फोन भी नहीं लग रहा है जिसके चलते परिजन परेशान हैं। हालांकि सूचना मिलने के बाद जंगलात की टीम ने एसडीआरएफ और पुलिस दस्ते के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लापता सैलानी की खोज जारी है।

