उत्तराखंड की मसूरी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से कटे 14 हजार नाम, सिर्फ 2500 नए वोटर जुड़े

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उत्तराखंड के प्रमुख और वीआईपी विधानसभा क्षेत्रों में शुमार मसूरी से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां हालिया मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान विधानसभा क्षेत्र से लगभग 14 हजार मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं, जबकि इसके मुकाबले केवल 2500 नए मतदाताओं के नाम ही सूची में जोड़े जा सके हैं।

इतनी बड़ी संख्या में वोटों के कटने और नए नामों के शामिल होने के बाद क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है, जिसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी मसूरी मंडल ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को भाजपा मसूरी मंडल की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्तमान में चल रहे SIR अभियान और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की गई।

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जिला पदाधिकारी सुरेंद्र राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य एजेंडा मतदाता सूची का पूरी तरह से शुद्धिकरण करना और इसे त्रुटिहीन बनाना रहा। बैठक के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को अब बूथ स्तर पर अत्यधिक सक्रिय रहने की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से बाहर न छूटे।

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भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बैठक में मौजूद सभी बूथ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची में पाई जाने वाली किसी भी प्रकार की विसंगति, गड़बड़ी या गड़बड़ नामों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और संबंधित अधिकारियों के समक्ष बिना किसी देरी के आपत्ति दर्ज कराई जाए।

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इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करना और मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और सटीक बनाना है, ताकि विपक्ष को किसी भी स्तर पर कोई बढ़त न मिल सके और पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को पूरी तरह सुरक्षित रख सके।