उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने और जल स्रोतों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। सरकार ने ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में नदियों तथा झीलों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कुल ₹6 करोड़ की महत्वपूर्ण योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस भारी-भरकम बजट का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को रोकना और राज्य के ऐतिहासिक जल निकायों की मरम्मत करना है। जिलावार आवंटन के तहत, ऊधम सिंह नगर में मानसून के समय उत्पन्न होने वाली बाढ़ की गंभीर आशंका को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन और उनके भीतर जमा भारी मलबे व गाद को हटाने के लिए ₹4.13 करोड़ की एक बड़ी योजना स्वीकृत की गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए सरकार की ओर से ₹1.65 करोड़ की शुरुआती राशि पहले ही जारी की जा चुकी है, ताकि मानसून आने से पहले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कार्य तेजी से पूरे किए जा सकें और स्थानीय आबादी को बाढ़ के खतरे से बचाया जा सके।
इसी कड़ी में, नैनीताल जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमताल बांध की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। भीमताल बांध की मुख्य दीवारों में समय के साथ आई दरारों को ठीक करने और पानी के लगातार हो रहे रिसाव को पूरी तरह रोकने के लिए ₹1.99 करोड़ की एक विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है, जिसमें से ₹1.29 करोड़ की धनराशि तुरंत काम शुरू करने के लिए जारी कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त, चम्पावत जिले में बहने वाली गंडक नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, उसके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए ₹1.31 करोड़ की एक अन्य योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके शुरुआती चरण के कार्यों को गति देने के लिए पहली किश्त के रूप में ₹10 लाख की राशि अवमुक्त कर दी गई है। सरकार के इस कदम से न केवल पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में जल स्तर सुधरेगा, बल्कि मानसून के दौरान होने वाले भू-कटाव और जान-माल के नुकसान पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।

