देहरादून जल संस्थान का बड़ा फैसला, अब पानी की किल्लत और लीकेज की शिकायतें होंगी ऑनलाइन

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देहरादून के जल संस्थान ने उपभोक्ताओं की पानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करने के लिए एक बेहद आधुनिक डिजिटल सॉफ्टवेयर विकसित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे पूरी शिकायत निवारण प्रणाली को हाईटेक और ऑनलाइन बनाया जा सके।

वर्तमान व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं की शिकायतें सबसे पहले कंट्रोल रूम में दर्ज की जाती हैं और फिर वहां से संबंधित अधिकारियों को मैन्युअल रूप से भेजी जाती हैं, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है। लेकिन इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होते ही जैसे ही कोई उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराएगा, वह बिना किसी देरी के सीधे संबंधित कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल या सिस्टम तक पहुंच जाएगी।

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इस नए सॉफ्टवेयर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर शिकायत के समाधान के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाएगी; यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी समय रहते समस्या का निस्तारण नहीं करता है, तो वह शिकायत ऑटोमैटिक तरीके से अपने आप उच्च अधिकारियों के पास ट्रांसफर हो जाएगी।

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इसके अलावा, इस सिस्टम में ऑनलाइन मॉनिटरिंग और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी होगी, जिससे यह साफ पता चल सकेगा कि शिकायत किस स्तर पर लंबित है और उसे पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगेगा।

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जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के आने से विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी, अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी, तथा उपभोक्ताओं को घर बैठे अपनी शिकायतों की प्रगति (प्रोग्रेस स्टेटस) जानने का मौका मिलेगा, जिससे जनता और विभाग दोनों के समय की बचत होगी।

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