मानसून की दस्तक पर बीज को तरसे डोईवाला ब्लॉक के किसान, सरकारी केंद्र में ‘नो स्टॉक’

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मानसून मुंबई तक पहुंच गया है माना जा रहा है कि 24 जून तक उत्तर भारत में भी मानसून दस्तक दे देगा। उत्तर भारत के किसानो ने खरीफ की फसल के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इधर उत्तराखंड का हाल अजब है। देहरादून के डोईवाला ब्लाक के रानीपोखरी पंचायत में किसान धान के बीज के लिए तरस रहे हैं।

दरअसल रानीपोखरी में मौजूद राजकीय कृषि निवेश बिक्री केंद्र में धान का बीज है ही नहीं। केंद्र में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि इस साल डिमांड नहीं भेजी गई थी। बताया जा रहा है पिछले साल केंद्र में जरूरत से ज्यादा बीज आ गया था जो समय रहते बिका नहीं और जिसके पैसे अधिकारियों को अपनी जेब से भरने पड़े।

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सच क्या है ये तो कृषि विभाग के अधिकारी ही जानते होंगे लेकिन इलाके में यही बात जंगल की आग की तरह फैल रही है। ऐसे में किसानो को मजबूरन निजी बीज केंद्रों से महंगा धान का बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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बहरहाल सवाल ये है कि अगर पिछले साल किसानो ने बीज नहीं खरीदा और उसका खामियाजा विभागीय अधिकारियो को भुगतना पड़ा तो इस साल किसानो से उसका बदला क्यो लिया जा रहा है। सवाल ये भी है कि कृषि विभाग पहले से बुआई का रकबा और बोने वाले किसानो का डेटा तैयार क्यों नहीं करता ? रबी-खरीब की फसल के लिए डिमांड किसानो से इकट्ठा क्यों नहीं करता ?

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इसके लिए प्रचार प्रसार क्यों नहीं किया जाता या किसान संघों तक विभाग अपनी बात क्यों नहीं पहुचा पाता ताकि न तो किसान परेशान हों अधिकारियों को खामुंखां का हर्जाना भुगतना पड़े। खरीफ वाली फसल की भैंस तो पानी में चली गई लेकिन उम्मीद है कि कृषि विभाग रबी की फसल के लिए अपनी तैयारी रखेगा ताकि कृषि निवेश केंद्रों में बीजों का पैसा अधिकारियों और कर्मचारियों को न भुगतना पड़े।