उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शासकीय आवास पर राज्य विश्वविद्यालयों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें साइबर सुरक्षा को लेकर कई कड़े और दूरगामी निर्देश दिए गए। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल युग में छात्र-छात्राओं की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
उन्होंने सभी कुलपतियों को विश्वविद्यालयों के वेब एप्लिकेशनों को साइबर खतरों से बचाने और डेटा लीक रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और सूचनाओं के दुरुपयोग पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ इस बैठक में क्षेत्रीय विकास और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डॉ. रावत ने विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए गाँवों की एक विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे ग्रामीण स्तर पर हो रहे जमीनी सुधारों का सही मूल्यांकन किया जा सके।
साथ ही, मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय से 20 उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को चयनित कर राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए ‘एक विवि एक शोध योजना’ के अंतर्गत पाँच-पाँच मिनट का प्रस्तुतीकरण कुलाधिपति के समक्ष देना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार का संस्कृत विश्वविद्यालय देववाणी संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के लिए देशव्यापी कार्यशाला का आयोजन करेगा।
आगामी छात्र संघ चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 50% पद छात्राओं के लिए सुरक्षित रखने पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी है, जो राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुमाऊं विवि, श्रीदेव सुमन विवि, और सोबन सिंह जीना विवि समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के कुलपति मौजूद रहे।

