आसन बैराज के पुलों की मरम्मत पूरी होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई।पिछले तीन महीने से पुल बंद होने के कारण कुंजाग्रांट, कुंजा, मटक-माजरी व कुठाल समेत दस हजार से ज्यादा आबादी को 20 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा था।
जलविद्युत निगम के अधिकारियो के मुताबिक आसन बैराज के मुख्य पुल और इससे सटे शक्ति नहर के पुल पर पिछले तीन महीने से रेट्रोफिटिंग का काम चल रहा था। सुरक्षा की दृष्टि से पुल से दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद थी। ऐसे में लोगों को डाकपत्थर होते हुए नदी में बनी अस्थाई रास्ता या फिर बैराज के गेट के सामने से निकलना पड़ रहा था।
कुछ दिन पहले जलविद्युत निगम के अधिकारियों से बात करके बैराज के गेट के सामने से भी रास्ता बंद कर दिया गया था। जिसके चले जनता बड़ी परेशान थी लेकिन अब राहत मिल गई है। 26 मई को रेट्रोफिटिंग और लोड टेस्टिंग का काम पूरा हो गया। जांच में पुल को आवागमन के लिए सुरक्षित पाया गया।
अब ग्राम कुंजाग्रांट, कुंजा, मटक-माजरी और कुठाल के लोगों को अब डाकपत्थर तक आने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जब तक पुलों से आवाजाही बंद थी स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा था। जिससे वाहनो में तेल की ज्यादा खपत हो रही थी और वक्त जाया हो रहा था।

