उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आगामी मानसून के दौरान शहर को जलभराव और किसी भी संभावित दैवीय आपदा से सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम ने अपनी प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। मानसून सीजन में जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए पूरे देहरादून शहर को पांच अलग-अलग महत्वपूर्ण जोन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी कुशल अफसरों को सौंपते हुए वहां विशेष टीमों की तैनाती की गई है।
इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति पर त्वरित निगरानी रखने के लिए आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह मारवाह को इस कंट्रोल रूम का मुख्य प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है।
उन्होंने सभी तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने मोबाइल फोन चौबीसों घंटे चालू रखेंगे; यदि जलभराव या आपदा से जुड़ी किसी भी सूचना व शिकायत पर कार्रवाई करने में जरा सी भी लापरवाही या देरी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ बेहद सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिसके तहत जलभराव या अन्य किसी भी प्रकार की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001804571 और व्हाट्सएप नंबरों 9286459167, 9286977117 पर तुरंत दर्ज कराई जा सकती है।
जोन की जिम्मेदारी के तहत मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला को सभी जोनल कार्यालयों का मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा, नगर निगम मुख्यालय क्षेत्र के लिए मनीष दरियाल, हर्रावाला के लिए भूपेन्द्र सिंह पंवार, आरकेडिया के लिए मनोज कुमार, मोथरोवाला के लिए विश्वनाथ सिंह तथा राजपुर क्षेत्र के लिए पुष्पा रौथाण को जोनल अधिकारी नामित किया गया है।
मानसून के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए नगर आयुक्त ने प्रत्येक जोन में आवश्यक संसाधन जैसे जेसीबी मशीनें, ट्रैक्टर-ट्रॉली और स्वच्छता कर्मियों की पर्याप्त तैनाती करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान सड़कों और नालियों में पानी जमा होने पर तत्काल राहत कार्य शुरू कर जनता को बड़ी राहत पहुंचाई जा सके।

