देहरादून में घोषणाओं पर लेटलतीफी पड़ी भारी, DM आशीष चौहान ने सिंचाई विभाग को थमाया कारण बताओ नोटिस

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देहरादून में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सामने आया कि वर्ष 2021 से अब तक जिले में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 565 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 353 घोषणाओं का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है, जबकि 76 घोषणाएं अपूर्ण हैं, 10 आंशिक रूप से पूरी हुई हैं और 126 घोषणाओं पर वर्तमान में कार्यवाही गतिमान है। गतिमान कार्यों में सिंचाई विभाग की सर्वाधिक 40, शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की 10-10 घोषणाएं शामिल हैं।

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समीक्षा के दौरान सिंचाई विभाग में सबसे अधिक मामले लंबित होने, सक्षम अधिकारी के अनुपस्थित रहने और सहायक अभियंता स्तर पर समुचित जानकारी न दिए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

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इसके साथ ही शहरी विकास, पेयजल, लोनिवि, शिक्षा, पर्यटन, आवास और समाज कल्याण जैसे विभागों में भी अपेक्षा से अधिक काम लंबित मिलने पर नोटिस देकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि जिला स्तर पर कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए।

जिन विभागों ने अभी तक कार्यदायी संस्थाएं नामित नहीं की हैं, वे तत्काल चयन कर DPR तैयार करें और संबंधित एसडीएम से समन्वय बनाकर भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी करें। इसके अतिरिक्त, नोडल अर्थ एवं संख्या अधिकारी को सभी अपूर्ण घोषणाओं के लिए विभागवार समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय पर काम पूरा न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

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