राहगीरों को जख्मी करते कटखने कुत्ते या सड़क हादसों की वजह बन रहे आवारा कुत्ते सिर्फ शहर बाजार की तकलीफ नहीं ये गांव, देहात की गलियों में भी परेशानी का सबब बन गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फरमान के बाद नगर निकाय तो आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर रोक लगाने पर काम कर रही है लेकिन गांव पंचायत की सड़कों पर अब भी आवारा कुत्तो की आबादी बेहिसाब बढ़ रही है।
ऐसे में देहरादून जिला पंचायत की बैठक में आवारा कुत्तों से हो रही परेशानी पर चर्चा के बाद कार्ययोजना बनाने की सहमति बनी है। तय है कि अगर अधिकारियों ने पंचो की बात को गंभीरता से लिया तो मुमकिन है कि, आने वाले वक्त में गांव चौपालों में आवारा कुत्तों की तादाद में कमी देखने को मिले। देहरादून जिला पंचायत से इसके लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उम्मीद कि योजना जल्द बनेगी और गांवों को भी आवारा कुत्तों से राहत मिलेगी। गांवों में भी आवारा कुत्तों का टीकाकरण होगा और उनकी बेहिसाब बढ़ती आबादी पर अंकुश लगेगा। बस देखना ये है कि सरकारी मुलाजिम गांवों को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्योंकि कहा गया है देश के विकास का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है।

