उत्तराखंड में राशन कार्ड के लिए बदलेंगे आय के मानक, अपात्रों और बेईमानों पर होगी सख्त कार्रवाई

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उत्तराखंड की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने राशन कार्ड बनाने के लिए आय संबंधी पुराने मानकों की समीक्षा करने और नए मानक तय करने के लिए एक विशेष कमेटी के गठन का निर्णय लिया है। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू आय के मानक काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे आम जनता को नए कार्ड बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए अब राशन कार्ड के लिए अधिकतम आय की सीमा को बढ़ाया जाएगा।

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इस बीच, सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा है और राशन विक्रेताओं को सहूलियत देते हुए नवंबर से बकाया लाभांश का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने व उनके इंश्योरेंस के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं।

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इसके साथ ही, विभाग ने धोखाधड़ी रोकने के लिए एक बेहद कड़ा कदम उठाया है; अब किसी कार्डधारक की मृत्यु के बाद भी परिजनों द्वारा अवैध रूप से राशन लेने की शिकायतों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और रिकवरी की जाएगी। वर्तमान में राज्य के भीतर अंत्योदय कार्ड के लिए मासिक आय सीमा ₹4,000 तय है, जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत यह सीमा ₹15,000 मासिक है और तीसरी श्रेणी में अधिकतम ₹5 लाख सालाना आय वाले लोग शामिल हैं, जिनकी मासिक आय सीमाओं को बढ़ाने पर यह नई कमेटी विचार करेगी।

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इसके अतिरिक्त, मंत्री ने प्रदेश में घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति की पुष्टि की है और चारधाम यात्रा के मद्देनजर सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन महीनों का राशन जल्द से जल्द राशन दुकानों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं।