मानसी कापड़ी ये नाम वो है जिसने उत्तराखंड की वादियों में बिजनेस की चौखट पर उम्मीद का दिया जलाया है। ऐसा दिया, जिसके उजाले से उस कहावत का अंधेरा मिट जाएगा जो कहती है कि उत्तराखंड के पहाड़ों में बिजनेस नहीं हो सकता…यहां का नौजवान सिर्फ नौकरी कर सकता है।
लेकिन पिथौरागढ़ के लक्ष्मण सिंह महर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीबीए की छात्रा मानसी कापड़ी ने इस कहावत को उत्तराखंड सरकार की देवभूमि उद्यमिता योजना के जरिए अपने काम और तालीम से जवाब दिया है। मानसी बीबीए की तालीम ले रही है और इसके जरिए बिजनेस के गुर भी सीख रही है। सूबे की देवभूमि उद्यमिता योजना ने मानसी को ऐसा तराशा की आज आलम ये है कि उनकी उपलब्धि की तारीफ राज्य का सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग अपने फेस बुक पेज पर करता है उत्तराखंड के सीएम पुष्करधामी करते हैं।
दरअसल साल 2024 में उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान यानि EDII अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रशिक्षण शिविर में मानसी को शिरकत करने का मौका मिला। बस इस मौके पर मानसी कापड़ी ने जाया नहीं होने दिया । उन्होने अपने शौक एपण कला के हुनर को इस योजना के जरिए कारोबार में ढाल दिया।
देवभूमि उद्यमिता योजना की मदद से मानसी ने ब्रांडिग, पैकेजिंग, लेबलिंग,ऑनलाइन मार्केटिंग हर वो चीज सीखी जो व्यापार को फर्श से अर्श तक पहुंचाने के लिए जरूरी है।बचपन में सीखी एपण कला की चित्रकारी को मानसी ने आज वो मुकाम दे दिया जहां शोहरत के बाद दौलत कदम चूमेगी, आज भी मानसी कापड़ी सालाना तकरीबन 80000 की एपण कला का कारोबार कर रही है।
बेशक ये रकम अभी उनकी उम्र की तरह छोटी हो लेकिन तय है कि जिस लगन से मानसी अपने हुनर के पंखों को फैला रही है उससे एक दिन व्यापार के आसमां में उनकी परवाज होगी। अभी टर्न ओवर हजारों का है कल कल लाखों का होगा। बहरहाल मानसी का काम बता रहा है कि सूबे की सरकार राज्य के हर उस युवा के लिए सेंटा क्लाज है जो खुली आंखों से कारोबार के सपने देखता है।

