दून में पैर पसार रहा अवैध हथियारों का नेटवर्क, सोहेल मर्डर केस की जांच में मिले अहम सुराग

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देहरादून में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। शायद ही कोई दिन ऐसा हो जब क्रिमनल ने दून पुलिस को चैलेंज न किया हो। बहरहाल देहरादून के चर्चित सोहेल हत्याकांड मामले की जांच के दौरान दून पुलिस को देहरादून में अवैध हाथियारों की तस्करी के अहम सुराग मिले हैं। जो साफ इशारा कर रहे हैं कि देहरादून अब वो दून नहीं रहा जहां लोग चैन की सांस लेते थे।

अपराधियों की नजर दून पर लग गई है। दरअसल सोहेल की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसी के सगे भाई शाहिद को गिरफ्तार किया था। पुलिसिया पूछताछ में हत्यारोपी शाहिद हारुन ने खुलासा किया है कि उसने हत्या को अंजाम देने के लिए दो पिस्टल देहरादून निवासी फरमान बेग से खरीदी थीं।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से एक और अवैध पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और चार खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पटेलनगर थाने में शाहिद के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है।

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बहरहाल भाई की हत्या के मामले में गिरफ्तार शाहिद हारुन को उसकी निशानदेही पर जब पुलिस भुड्डी गांव स्थित उसके घर ले गई तो आरोपी ने पुलिस टीम को बताया कि उसने अपने घर के बरामदे में रखी गेहूं की टंकी में एक पिस्टल छिपा रखी है। पुलिस ने जब गेंहू की टंकी की तलाशी ली तो शाहिद की बात सच निकली।

शाहिद ने टंकी के भीतर एक पीले रंग के कपड़े के थैले में एक पिस्टल उसकी मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस और चार खोखा कारतूस भी बरामद किए। घर से बरामद की गई पिस्टल से हत्यारोपी ने चार राउंड फायर किए थे। ये पिस्टल उससे अलग है जिससे सगे भाई के कत्ल में प्रयोग करने का आरोप है।

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जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि टंकी में छिपाई गई पिस्टल और हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी पिस्टल उसने फरमान बेग नामक व्यक्ति से खरीदी थी। जो दून के चक्खू मोहल्ला क्षेत्र का रहने वाला है और मौजूदा वक्त में आजाद कॉलोनी, आईएसबीटी पटेलनगर क्षेत्र में रहता है। फरमान ने उसे दो पिस्टल और 15 कारतूस उपलब्ध कराए थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों हथियारों और कारतूसों के बदले उसने करीब एक लाख रुपये का भुगतान किया था।

इतना ही नहीं हत्यारोपी साहिद के घर पर सिर्फ अवैध हथियार ही नहीं मिले हैं विवादों में रहा धार्मिक साहित्य भी घर पर मिला है। आरोपी के घर में इस्लामी शिक्षा पर आधारित तालीमुल इस्लाम किताब रखी है। कुतुबखाना अजीजिया से प्रकाशित ये किताब पूर्व में विवादों में रही है। वहीं जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी शाहिद कश्मीर जाना चाहता था लेकिन वह घूमने जा रहा था या उसका मकसद कुछ और था इसकी जांच भी की जा रही है।

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बहरहाल हत्यारोपी शाहिद के बयान के बाद फरमान बेग की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपी के दावों की पुष्टि होती है तो फरमान के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने बरामद हथियार, जिंदा कारतूस और खोखों को सील कर कब्जे में ले लिया है। मामले गहनता से जांच की जा रही है।

सोहेल हत्या कांड ने संकेत दिया है कि दून पुलिस को और ज्यादा चौकस रहने की जरूरत है ताकि अमन चैन के लिए मशहूर देहरादून की फिजा में बारूद की गंध न घुले।

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