उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए सनसनीखेज सोहेल हत्याकांड ने शहर में चल रहे अवैध हथियारों के एक बड़े और खतरनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब देहरादून पुलिस और SOG की टीमें सक्रिय असलाह तस्करों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाश में जुट गई हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी से पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी शाहिद ने सोहेल की हत्या को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये में तीन हथियार खरीदे थे। आरोपी ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि ये सारे हथियार उसने दून में ही रहने वाले एक स्थानीय हथियार तस्कर से खरीदे थे।
इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पुलिस ने हत्यारोपी से कड़ाई से पूछताछ करने के बाद असलाह सप्लाई करने वाले मुख्य तस्कर का फोन नंबर और सुराग हासिल कर लिया है। अब इस मुख्य तस्कर की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए एसओजी की विशेष टीम को काम पर लगाया गया है।
इस पूरी घटना का एक बेहद दर्दनाक और भावुक पहलू यह भी है कि मृतक सोहेल और आरोपी शाहिद के माता-पिता को इस पूरी त्रासदी का जरा भी अंदाजा नहीं था. उनके पिता अब्दुल हारून, जो कि एक प्रॉपर्टी डीलर हैं, अपनी पत्नी के साथ कुछ ही दिन पहले पाक हज यात्रा पर गए हुए थे।
हारून के तीन बेटे और एक बेटी हैं, जिसमें सबसे बड़ा बेटा मर्चेंट नेवी में कार्यरत है और बेटी का निकाह हो चुका है, घर पर सिर्फ दो बेटे, सोहेल और शाहिद ही मौजूद थे। उन बदनसीब माता-पिता को अंदाजा भी नहीं होगा कि उनके पीछे उनका एक बेटा हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो जाएगा और दूसरा बेटा अपने ही भाई की हत्या के संगीन आरोप में सलाखों के पीछे पहुंच जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ, इस हत्याकांड के बाद इलाके में काफी तनाव का माहौल बन गया था। बीती रात हत्या के विरोध में सड़क पर जाम लगाने और हंगामा करने के मामले में भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने अरशद, वसीम, नौशाद, सैयद, समीर, अनवर, अजब, सरफराज, फुरकान, आरिफ, और मोईन समेत कुल 12 नामजद लोगों के खिलाफ और साथ ही 100 से 150 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी नियम तोड़ने और हंगामा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

