उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने नैनीताल हाईकोर्ट के अधीन सिविल और कुटुम्ब न्यायालयों में समूह ‘ग’ के 398 पदों पर बंपर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। कनिष्ठ सहायक के 259 और स्टेनोग्राफर ग्रेड-1, वैयक्तिक सहायक के 139 पदों के लिए 22 जून से 06 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।लिखित प्रतियोगी परीक्षा की अंतिम तारीख 23 अगस्त तय की गई है।
आयोग के मुताबिक कुल 398 पदों में कनिष्ठ सहायक के सबसे ज्यादा 259 पद हैं। इसके अलावा स्टेनोग्राफर ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक के 139 पदों पर भर्ती होगी। ये सभी पद नैनीताल हाईकोर्ट के अधीन राज्य के विभिन्न सिविल और कुटुंब न्यायालयों में भरे जाएंगे। पदों का जिलेवार ब्यौरा आयोग की वेबसाइट पर जल्द अपलोड किया जाएगा।
इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखी गई है। साथ ही कंप्यूटर पर न्यूनतम 25 शब्द प्रति मिनट की हिंदी टाइपिंग गति अनिवार्य की गई है। स्टेनोग्राफर पद के लिए हिंदी आशुलिपि में 80 शब्द प्रति मिनट की गति चाहिए। आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना 01 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी 22 जून 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 06 जुलाई 2026 है। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 06 जुलाई ही रखी गई है। सामान्य/ओबीसी वर्ग के लिए 300 रुपये, एससी/एसटी/ईडब्ल्यूएस/दिव्यांग के लिए 150 रुपये शुल्क तय है।आवेदन में संशोधन की विंडो 09 से 11 जुलाई तक खुलेगी।
पदों की भर्ती के लिए लिखित प्रतियोगी परीक्षा OMR आधारित होगी।पेपर 100 अंकों का होगा जिसमें सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/4 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी। कोई पेंच न फंसा तो परीक्षा 23 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है, एडमिट कार्ड परीक्षा से 10 दिन पहले वेबसाइट पर जारी होंगे।
वहीं कनिष्ठ सहायक के लिए लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट होगा। स्टेनोग्राफर/वैयक्तिक सहायक के लिए लिखित परीक्षा, आशुलिपि और टाइपिंग टेस्ट तीनों चरण पास करने होंगे। टाइपिंग और आशुलिपि में क्वालिफाई होना अनिवार्य है। फाइनल मेरिट लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर बनेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश के न्यायालयों में लिपिकीय स्टाफ की भारी कमी चल रही है। समूह ‘ग’ के सैकड़ों पद खाली होने से न्यायिक कार्यों में देरी हो रही है। इस भर्ती के होने के बाद सिविल और कुटुंब न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। बहरहाल काबिल बेरोजगार युवाओं के लिए भी यह एक सुनहरा मौका माना जा सकता है। क्योंकि हाईकोर्ट के अधीन नौकरी को सुरक्षित और प्रतिष्ठित माना जाता है।
खैर! अभ्यर्थी आवेदन से पहले पूरा विज्ञापन आयोग की वेबसाइट पर ध्यान से पढ़ लें. किसी भी तरह की त्रुटि पर आवेदन निरस्त हो सकता है. बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार समेत प्रमुख शहरों में बनाए जाएंगे।

