पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, उर्मिला सनावर पर भी लटकी तलवार

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उत्तराखंड के ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और उनके सियासी भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले सुरेश राठौर को जून 2025 में पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के तहत छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।

इस गिरफ्तारी के बाद हरिद्वार में उनके आवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है और समर्थकों की आवाजाही पूरी तरह थम गई है, जबकि राजनीतिक गलियारों में आगामी चुनावों के लिए नए चेहरों की दावेदारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक को अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा पहले से ही था, जिसके चलते उन्होंने दो दिन पूर्व एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन मामलों को अपने खिलाफ एक राजनीतिक साजिश करार दिया था।

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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रवि बहादुर से हारने के बाद से ही वे लगातार विभिन्न विवादों के कारण सुर्खियों में बने रहे हैं, और अब इस कानूनी कार्रवाई के बाद उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी की राह बेहद मुश्किल नजर आ रही है।

पूर्व विधायक पर लगे कसा कानूनी शिकंजा

इस पूरे मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ कई बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं, जिसके कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन पर भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से फर्जी और मनगढ़ंत ऑडियो-वीडियो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है।

इसके अतिरिक्त उन पर समाज में दंगे भड़काने के प्रयास का भी एक बड़ा मुकदमा दर्ज है, जिसके चलते रविवार देर रात उनसे गहन पूछताछ की गई और सोमवार सुबह देहरादून में उनका मेडिकल कराने के बाद पुलिस उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची।

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हालांकि इस प्रकरण से जुड़े हरिद्वार के मुकदमों को हाई कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है और पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर लगा स्टे भी हट चुका था, लेकिन कोर्ट के आदेशानुसार देहरादून के डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में दर्ज मामलों की जांच पूरी तरह जारी रखी गई, जिसके परिणाम स्वरूप डालनवाला कोतवाली में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर अंततः राठौर को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।

उर्मिला सनावर पर भी गिरफ्तारी का खतरा

सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे फर्जी वीडियो और ब्लैकमेलिंग कांड में शामिल उनकी सह-आरोपी और कथित तौर पर उनकी पत्नी बनने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें भी काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। SSP देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले के कानूनी पहलुओं की गहराई से विवेचना करने के बाद मुकदमे में जो नई धाराएं जोड़ी गई हैं, वे सभी सह-आरोपी उर्मिला पर भी समान रूप से लागू होती हैं।

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पूर्व विधायक की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के बाद अब पुलिस की विभिन्न टीमें उर्मिला सनावर की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी और दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि देश का कानून सर्वोपरि है और इससे ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता है, इसलिए इस पूरे षड्यंत्र और ब्लैकमेलिंग के खेल में जो कोई भी आरोपी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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