देहरादून नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी के पास निगम की बेशकीमती भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए सोमवार को एक विशेष अभियान चलाया गया।
दोपहर बाद जब नगर निगम की टीम दलबल के साथ अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंची, तो वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई और उन्होंने निगम की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी हंगामा, नारेबाजी और तीखी बहस शुरू हो गई, जिसके कारण करीब दो घंटे तक अभियान रुका रहा।
स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच निगम का डंडा चला और स्थिति नियंत्रण में आने पर कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकी। इस कड़े अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में वहां अवैध रूप से बनाई गई पांच झोपड़ियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया और करीब 700 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी भूमि आधिकारिक तौर पर निगम की संपत्ति है, जिस पर हमजा नामक व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और वहां झोपड़ियां बनवाई हुई थीं। मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सहायक नगर आयुक्त विनय प्रसाद ने बताया कि नगर निगम की ओर से इस अवैध कब्जे को लेकर संबंधित व्यक्ति को पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी किया जा चुका था।
नोटिस मिलने के बाद यह पूरा मामला न्यायालय की चौखट तक भी पहुंचा था, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नगर निगम के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद ही निगम प्रशासन द्वारा इस अतिक्रमण को हटाने की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
हालांकि, इस तोड़फोड़ और कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद कुछ प्रभावित लोगों ने प्रशासन के सामने अपने रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी उठाई, लेकिन कानून व्यवस्था और अदालत के आदेशों का पालन कराते हुए निगम ने अपनी जमीन वापस ले ली है।

