विकासनगर के बैरागीवाला क्षेत्र में शनिवार को आपसी मारपीट के दौरान भाजपा नेता विनोद कश्यप की निर्मम हत्या कर दी गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में गहरा तनाव और भारी आक्रोश व्याप्त है। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपियों के चार अलग-अलग मकानों में रहने वाले परिवार के करीब 40 सदस्य रातों-रात रहस्यमय तरीके से गांव छोड़कर फरार हो गए हैं।
स्थानीय पड़ोसियों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इतने बड़े कुनबे को घर से जाते हुए बिल्कुल नहीं देखा, जिससे यह पूरी घटना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी और अनसुलझी पहेली बन गई है। इस बीच, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत के नेतृत्व में फरार चल रहे अन्य नामजद आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालते हुए उनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
रविवार को मृतक भाजपा नेता विनोद कश्यप के आवास पर शोक संवेदना जताने पहुंचे ग्रामीणों और महिलाओं का गुस्सा बिलखते परिजनों को देखकर सातवें आसमान पर पहुंच गया। माहौल में फैले भारी उबाल के बीच स्थानीय महिलाओं ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सख्त कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए शासन-प्रशासन से मांग की कि ऐसे जघन्य अपराधियों का 24 घंटे के भीतर एनकाउंटर किया जाना चाहिए।
उग्र जनआक्रोश और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मुख्य आरोपी के घर की बाहरी बाउंड्री वॉल और गांव के मुख्य प्रवेश द्वार पर बनी उसकी दो दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
हालांकि, ग्रामीण प्रशासन की इस शुरुआती और आंशिक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं; उनका स्पष्ट कहना है कि केवल दीवार तोड़ना काफी नहीं है, बल्कि आरोपियों के पूरे मकान को पूरी तरह से जमींदोज किया जाना चाहिए। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थानीय लोग प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कदम उठाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

