उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है और राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर भी सांगठनिक हलचलें काफी तेज हैं।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आगामी 17 और 18 जून को राज्य के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर आ रही हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती देना और आगामी चुनावों के लिए एक ठोस चुनावी रणनीति तैयार करना है। अपने इस व्यस्त दौरे के दौरान वह पार्टी के जिलाध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों के साथ ‘वन-टू-वन’ सीधी बातचीत करेंगी, ताकि धरातल की वास्तविक स्थिति और कार्यकर्ताओं की नब्ज को बारीकी से समझा जा सके।
उत्तराखंड की कमान संभालने के बाद यह पहला मौका है जब कुमारी शैलजा राज्य में इस तरह लगातार सक्रिय दिखाई दे रही हैं, क्योंकि इससे पहले उन पर उत्तराखंड की अनदेखी करने के आरोप भी लगते रहे हैं। हालांकि, इस बार कांग्रेस केंद्रीय हाईकमान उत्तराखंड को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहा है, यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों से प्रदेश प्रभारी की सक्रियता यहां लगातार बनी हुई है।
इस बार के दौरे में भी उनका मुख्य फोकस स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नया जोश भरने, आपसी मतभेदों को दूर करने और चुनावी जमीन को पूरी तरह मजबूत करने पर रहेगा, जिससे राजनीतिक दृष्टिकोण से शैलजा का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

