उत्तराखंड ने पिछले 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। अब राज्य सरकार अपनी इसी सफलता को दोहराने के लिए 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों में जुट गई है, जो फरवरी-मार्च 2027 में मेघालय में आयोजित होने वाले हैं। खेल विभाग की रणनीति इस बार बेहद स्पष्ट है, वे उन खेलों पर विशेष फोकस करेंगे जिन्होंने पिछले खेलों में राज्य को पदक दिलाए थे।
इस योजना के तहत, पदक जीतने वाले 22 खेलों के खिलाड़ियों के लिए जल्द ही विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा के अनुसार, बॉइसिंग, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन और मॉडर्न पेंटाथलॉन को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है।
पिछले 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार करते हुए कुल 103 पदक (24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य) जीते थे, जिससे राज्य पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया था। यह एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि इससे पहले 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड 25वें स्थान पर था।
विभाग का मानना है कि खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर तैयार करने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन गेम’ नीति पर भी काम किया जा रहा है। खेल संघों के साथ बातचीत चल रही है और जून में ही प्रशिक्षण शिविर लगाने की तैयारी है, ताकि उन खेलों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके जिनमें राज्य ने पहले पदक जीते थे।
पिछले खेलों में उत्तराखंड को सबसे अधिक 14 पदक मॉडर्न पेंटाथलॉन में मिले थे, जबकि ताइक्वांडो और वुशू में 12-12, और कयाकिंग-कैनोइंग व एथलेटिक्स में 10-10 पदक प्राप्त हुए थे। कुल मिलाकर, उत्तराखंड अब अपनी पदक तालिका में स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह कमर कस चुका है।

