ईरान-US जंग थमने के बाद भारत में तेल के दाम कम होने की गुंजाइश है ?

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ईरान अमेरिका के बीच की जंग फिलहाल थमी हुई है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम हैं। ऐसे में आम भारतीय को उम्मीद है कि भारत में भी सस्ता डीजल पेट्रोल मिलने लगेगा। क्योंकि डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम भारतीय घरों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। ईएमआई से लेकरक सेविंग तक सब पर असर पड़ रहा है।

समझदादर जनता जब से ईरान अमेरिका के बीच तनातनी शुरू हुई थी तब से जंग खत्म होने की दुआएं मांग रही थी। ताकि घर का बजट पटरी पर रहे। लेकिन केंद्रीय पेट्रोलियम गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी के बयान के बाद महसूस हो रहा है कि भारतीयों को जंग खत्म होने का फिलहाल कोई लाभ नहीं मिलने वाला।

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सरकार डीजल पेट्रोल के दाम तत्काल कम कर उन्हे फौरी राहत दे दे ऐसी उम्मीद कम ही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि, “वैश्विक कच्चे तेल की दर कम होने पर ईंधन की कीमतों में तुरंत कमी नहीं की जा सकती है। क्योंकि इसमें कई कारण शामिल हैं, जिनमें सस्ता तेल भारत तक पहुंचने में लगने वाला समय भी शामिल है।”

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पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने ईंधन की कीमतों में हालिया इजाफे के बारे में कहा कि, “इससे केवल लगभग 3.94 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का ही प्रभाव पड़ा है। लेकिन कच्चे तेल की लागत वैश्विक स्तर पर कम होने के कारण इसे तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता है’’।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “इसमें समय लगेगा क्योंकि सस्ते कच्चे तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत तक पहुंचाना होगा, जिससे जहाजों की आवाजाही में अधिक वृद्धि होगी। इसलिए स्थिति को सामान्य होने में समय लगेगा।”

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केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि ”इस साल फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद से तेल कंपनियों पर काफी असर पड़ा है। केंद्र सरकार ने इस प्रभाव को काफी हद तक सहन किया है।”

गोपी ने कहा ‘जंग का प्रभाव झेलने के चक्कर में केंद्र सरकार को 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। किसी भी राज्य ने ईंधन की बढ़ी कीमतों पर कम उत्पाद शुल्क लगाकर अपने राजस्व में कमी नहीं की। केंद्र सरकार को अपना कामकाज चलाना है और तेल कंपनियों को अपना अस्तित्व बनाए रखना है।’