देहरादून। उत्तराखंड की चर्चित कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने मुख्य आरोपी और मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू तथा एक महिला को औपचारिक नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए देहरादून तलब किया है।
यह पूरा विवाद तब सामने आया जब मंत्री रेखा आर्य ने देहरादून की कैंट कोतवाली में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मंत्री ने धोखाधड़ी, हत्या की साजिश रचने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद जांच की कमान एसआईटी को सौंपी गई थी।
पुलिस के लिए मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू तक पहुंचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आरोपी न तो अपने घर पर मिले हैं और ना ही उनकी लोकेशन बरेली या कुमाऊं क्षेत्र में ट्रेस हो रही है, जिससे उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
आरोपियों के संपर्क से बाहर होने के कारण एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया है। एसआईटी ने साहू के दो मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है, लेकिन दोनों ही नंबर फिलहाल बंद आ रहे हैं, जबकि पुलिस उनके करीबियों पर नजर रखे हुए है।
सूत्रों के अनुसार, प्रकरण में शामिल महिला उत्तर प्रदेश की रहने वाली है और मंत्री रेखा आर्य ने ही दोनों के बीच बातचीत का ऑडियो पुलिस को उपलब्ध कराया था। इसी ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर महिला और साहू को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुष्टि की है कि आरोपियों को नियमानुसार नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तय समय पर पेश न होने पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस मामले में जल्द ही नए खुलासे होने की उम्मीद है।

