देहरादून एयरपोर्ट पर नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे मौजूदा एयर स्पेस में ही और अधिक विमानों की आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी। ये कहना है देहरादून के एयरपोर्ट निदेशक भूपेश नेगी का। नेगी कहते हैं नई एटीसी बिल्डिंग बनने से कई काम ही आसान नहीं होंगे बल्कि फ्लाइटों के संचालन में जो फिलहाल देरी हो रही है वो भी कम जाएगी।
गौरतलब है कि मौजूदा वक्त में देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रोज 22 से 24 उड़ानें आवाजाही करती हैं। हालांकि इसमें प्राइवेट विमान और हेलिकॉप्टर की आवाजाही शामिल नहीं है। बहरहाल नए एटीसी बिल्डिंग तैयार होने और उसमें नए आधुनिक उपकरण लगने से एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, जिससे विमानों की आवाजाही और बेहतर तरीके से नियंत्रित की जा सकेगी।
बताया जा रहा है कि देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन को और बेहतर बनाने के लिए एक नई आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे एटीसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिकारी एक साथ अधिक विमानों को नियंत्रित कर सकेंगे।
नई ऑटोमेशन और आधुनिक सर्विलांस सुविधाओं से एयर स्पेस और एयरपोर्ट रनवे की क्षमता बढ़ेगी। आधुनिक सुविधाओं वाला नया एटीसी तैयार होने पर उसी एयरस्पेस में ज्यादा उड़ानों को नियंत्रित किया जा सकेगा। मौजूदा वक्त में जौलीग्रांट एयर पोर्ट के आसपास का अधिकांश एयरस्पेस वायु सेना नियंत्रित करती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहले सिर्फ एक छोटी से हवाई पट्टी था। जिसे 70 के दशक में बिरला ने बनाया था। हालांकि जब उत्तराखंड अलग राज्य बना तब विकासपुरुष माने जाने वाले सीएम एन.डी तिवारी ने जौलीग्रांट एयर पोर्ट को विकसित करने के लिए कदम उठाया और उसी हवाई पट्टी को साल 2006-07 में विकसित कर देहरादून एयरपोर्ट का रूप दिया गया था।
उस वक्त एटीसी, मौसम विभाग और एयरपोर्ट की दूसरी जरूरतो के लिए नई इमारत बनाई गई थी। तब टर्मिनल एक छोटे से भवन में संचालित किया जाता था। बहरहाल साल 2010 में करीब 30 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया था। विकास की रफ्तार के साथ पैसेंजर बढ़ते गए और बाद में करीब 400 करोड़ की लागत से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर बड़ा टर्मिनल बनाया गया।
अब इसी टर्मिनल भवन में 2024 से एयरपोर्ट संचालित किया जा रहा है। इसकी क्षमता पीक ऑवर में 3240 पैसेंजर तक की है। हालांकि एक बार फिर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट के कायाकल्प की बात हो रही है। होगा क्या ये तो वक्त ही बताएगा।

