देहरादून। उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए कॉर्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। इस विशेष फोर्स में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में अफसरों को निर्देश दिए कि प्रदेश में इको-टूरिज्म और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत की जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया और कहा कि राज्य में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर कड़ा प्रहार करने के लिए बोर्ड ने वन विभाग को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) प्राप्त करने का अधिकार देने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया है। वर्तमान में तस्करों की लोकेशन व कॉल डिटेल के लिए वन विभाग को पुलिस पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कई संवेदनशील मामले अटक जाते हैं। नई व्यवस्था से तस्करों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
उल्लेखनीय है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में इस समय 62 बाघ हैं, जहां पूर्व में शिकार की घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं कॉर्बेट में 260 बाघ होने के बावजूद टीपीएफ की तैनाती के बाद से शिकार पर पूरी तरह अंकुश लगा है। इसी सफल मॉडल पर अब राजाजी में टीपीएफ तैनात होगी, जिसका काम सिर्फ और सिर्फ बाघों की सख्त निगरानी करना होगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम लगाने के लिए राज्य के 10 संवेदनशील जिलों में ‘रीजनल लेपर्ड ट्रांजिट ट्रीटमेंट एंड पुनर्वास केंद्र’ स्थापित होंगे, जिसके लिए 16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। इसके अलावा 15 संवेदनशील प्रभागों में गुलदार के रैपिड असेसमेंट और मानव-भालू संघर्ष को रोकने के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) से विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।
जोखिम भरे क्षेत्रों में तैनात वन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए समूह बीमा की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए वन संरक्षकों को 10 लाख का अनटाइड फंड और गंभीर घायलों के उपचार के लिए आयुष्मान भारत सीमा से अधिक का खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्णय हुआ है। संघर्ष के दौरान बहादुरी दिखाने वाले नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
सीमावर्ती विकास और बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए बोर्ड ने उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल पार्क के पास बीआरओ की नीलापानी-मुलिंगला सड़क, आईटीबीपी की ‘रंगमंगगाड़’ चौकी और पिथौरागढ़ में तवाघाट-सोबला मार्ग चौड़ीकरण के प्रस्तावों को मंजूरी देकर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेज दिया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ की जिम्बागाड़ जल विद्युत परियोजना और दून व यूएसनगर में उपखनिज चुगान को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में राजाजी पार्क में सौंग नदी के नीचे माइक्रोटनलिंग विधि से 8 इंच प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के प्रस्ताव पास किए गए। वहीं कुंभ-2027 में हाथियों की ट्रैकिंग के लिए 6 हाथियों की रेडियो कॉलरिंग करने और राजाजी के हरिद्वार क्षेत्र में एआई (AI) सर्विलांस सिस्टम लगाने पर सहमति बनी। इको-टूरिज्म के तहत कॉर्बेट सहित प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों के लिए ‘स्टार गेजिंग’ (टेलीस्कोप) की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

