देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन पर कड़ा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश हुल्लड़बाजी से नहीं चलने वाला है और पांच राज्यों के आगामी चुनावों पर इस प्रदर्शन का कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके इस तीखे बयान से राज्य की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है और इसका असर राजनीतिक गलियारों में साफ देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य रूप से आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी देश के भीतर लगातार भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि देश की जनता और युवा पीढ़ी विपक्ष की इस नकारात्मक राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता ऐसे हथकंडों से प्रभावित होने वाली नहीं है और आगामी चुनाव परिणामों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस के पुराने शासनकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने इतिहास में बार-बार लोकतांत्रिक संस्थाओं को दबाने का प्रयास किया है। आपातकाल और चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किए जाने जैसे पुराने उदाहरण देते हुए उन्होंने विपक्ष से तीखा सवाल पूछा कि आखिर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों किया जा रहा है।
मतदाताओं की शुचिता पर जोर देते हुए धामी ने कहा कि देश में घुसपैठियों और अपात्र लोगों के नाम वोटर लिस्ट में बिल्कुल नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक निवेश का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि व्यापार और विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की सुरक्षा और संप्रभुता से कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, इसी दिन बागेश्वर में आयोजित यूकॉस्ट के पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के विद्यालयों में विज्ञान और तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
शिक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की इस कड़ी में राज्य की एसटीईएम लैब्स को सीधे एआई से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक-एक ‘लैब ऑन व्हील्स’ स्थापित की जाएगी ताकि सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकें। सरकार की इस अनूठी पहल से दूरदराज के स्कूली बच्चों को तकनीकी दक्षता हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।

