प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत डोभाल बोले – सीएम ने की कार्रवाई की बात, तकनीकी शिक्षा मंत्री और पुलिस प्रशासन ने भी दिया सुरक्षा का भरोसा; हजारों छात्रों का रिजल्ट अब नहीं लटकेगा
उत्तराखंड पॉलिटेक्निक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।मार-पिटाई मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद संघ ने अपना फैसला बदलते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की हामी भर दी है। शिक्षक संघ के इस फैसले के बाद जहां सरकार ने राहत की सांस ली है वहीं प्रदेश के 85 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले 30 हजार से ज्यादा छात्रों का परिणाम समय पर जारी होने का रास्ता साफ हो गया है।
.गौरतलब है कि पिछले दिनो देहरादून के एक सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान में शिक्षकों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटना सामने आई थी। जिससे नाराज शिक्षकों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। पॉलिटेक्निक शिक्षक संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे सेमेस्टर परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेंगे। तय था कि इससे हजारों छात्रों का रिजल्ट लटक सकता था। मामले की नजाकत को भांपते हुए CM ने पहल की और शिक्षक संघ को कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत डोभाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मामले की निगरानी की जा रही है। CM के आश्वासन के बाद ही संघ की आपात बैठक में आंदोलन स्थगित करने और मूल्यांकन कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है। बहरहाल सूबे में 85 सरकारी पॉलिटेक्निक हैं जहां डिप्लोमा के विभिन्न ट्रेड में तकरीबन 30 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। मई में सेमेस्टर परीक्षाएं हो चुकी हैं.। जून-जुलाई में मूल्यांकन और रिजल्ट की प्रक्रिया होती है। ऐसे में अगर सीएम धामी पहल न करते तो शिक्षकों का आंदोलन जारी रहता और मूल्यांकन बहिष्कार के चलते रिजल्ट देर से आता जिससे फाइनल ईयर के छात्रों के प्लेसमेंट और लेटरल एंट्री के जरिए बीटेक एडमिशन पर भी असर पड़ता।बहरहाल आंदोलन स्थगित होने से अब 15 जुलाई तक रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है।.
संघ ने बेशक आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया हो लेकिन चेतावनी बरकरार है। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो संघ दोबारा आंदोलन अख्तियार कर लेगा। हालांकि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ‘हम छात्रों का भविष्य खराब नहीं करना चाहते, लेकिन शिक्षकों की सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेंगे।

