NEET PAPER LEAK: NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, पेपर लीक पर 10 साल की सजा का कानून

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में पेपर लीक और विभिन्न धांधलियों को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इस फैसले से देश के लाखों अभ्यर्थियों, परीक्षा प्रणाली की साख और एनटीए के पूरे प्रशासनिक ढांचे पर सीधा असर पड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक, बर्खास्त किए गए कई अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर चल रहे थे। इनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि, एनटीए ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन अधिकारियों पर क्या विशिष्ट आरोप हैं और इनमें कितने आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।

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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में कर्मचारियों का मुख्य दारोमदार आउटसोर्सिंग पर टिका हुआ है। एजेंसी में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 24 कार्यरत हैं और 15 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा 73 लोग संविदा पर और 124 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई एनटीए के संपूर्ण पुनर्गठन और परीक्षा प्रणाली को शत-प्रतिशत पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में एजेंसी की जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कई और कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

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दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पेपर लीक रोकने से जुड़े कड़े कानून संशोधनों को अपनी मंजूरी दे दी है। नए प्रावधानों के अनुसार, पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले आरोपियों को अधिकतम 10 साल तक की सख्त जेल और ₹10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने की सजा दी जाएगी।

साल 2024 में लागू हुए कानून में संशोधन करते हुए अब न्यूनतम सजा को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। केंद्र सरकार इस कड़े बिल को सोमवार को संसद में पेश कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिए हैं कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस बिल को पास कराने में कोई देरी न की जाए।

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पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की जाएगी, जो महज तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुनाएगी। सरकार का मकसद परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त संदेश देना है।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से एनटीए अब तक 270 परीक्षाएं आयोजित करा चुकी है, जिसमें 6.60 करोड़ छात्र शामिल हुए हैं। अकेले इस साल नीट परीक्षा में ही 22 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिसके बाद से एजेंसी लगातार पेपर लीक के आरोपों से घिरी हुई है।

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