देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य के मतदाताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक घोषणा की है। निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में चल रहे एसआईआर के तहत आपत्तियों और दावों पर होने वाली सुनवाई की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पूर्व में निर्धारित 13 सितंबर की समय-सीमा को अब बढ़ाकर 28 सितंबर कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का दिन भी तय कर दिया गया है। राज्य में आगामी 3 अक्टूबर को नई और संशोधित मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन किया जाएगा। समय-सीमा में इस विस्तार से उन लोगों को राहत मिलेगी, जिनकी सुनवाई या दस्तावेजों का सत्यापन अभी लंबित था।
प्रशासनिक आंकड़ों का ब्योरा साझा करते हुए डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 24,30,387 नोटिसों में से 99.96 प्रतिशत नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य शत-प्रतिशत यानी सभी 24 लाख से अधिक नोटिसों का पारदर्शी और त्वरित निस्तारण करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक सूची से न छूटे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के दौरान राज्यभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। सूची में नया नाम जोड़ने के लिए कुल 1,37,146 फॉर्म प्राप्त हुए हैं, जबकि नाम काटने या त्रुटि सुधार से जुड़े 1,30,382 आवेदन विभाग को मिले हैं। निर्वाचन टीमें इन सभी आवेदनों की गहन जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में जुटी हैं।
एसआईआर की अंतिम तिथि 28 सितंबर तक बढ़ा दिए जाने से आम मतदाताओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी सहूलियत होगी। अब जिन नागरिकों को अपने मतदाता पत्र में संशोधन, नाम जोड़ने या कटे हुए नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है, वे 28 सितंबर तक संबंधित अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपनी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।

