देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने टिहरी जिले में प्रदेश का आठवां राजकीय मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। इसके लिए गजा तहसील अंतर्गत फिपल्टी में भूमि का चयन पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार को देहरादून सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने जिलाधिकारी टिहरी को चयनित भूमि का प्रस्ताव तुरंत शासन को भेजने के सख्त निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों से कहा कि इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण ऐसे मुफीद स्थान पर किया जा रहा है जिससे टिहरी समेत आसपास की विशाल आबादी को सीधा लाभ मिल सके। फिपल्टी में इस स्वास्थ्य संस्थान के बनने से पर्वतीय क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने ही घर के पास आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे टिहरी के गजा-फिपल्टी क्षेत्र में एक नई आधुनिक टाउनशिप भी विकसित होगी। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, लॉजिस्टिक्स और स्वरोजगार के कई नए रास्ते खुलेंगे, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के वर्तमान ढांचे की जानकारी देते हुए बैठक में बताया गया कि इस समय देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा और हरिद्वार में पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में दो मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
टिहरी जिले में आकार लेने वाले इस आठवें राजकीय मेडिकल कॉलेज के बुनियादी निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रयास से गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प होना तय माना जा रहा है।
सचिवालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे और अपर सचिव रोहित मीणा समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस अब भूमि हस्तांतरण और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा करने पर है, ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य की शुरुआत की जा सके।

