नैनीताल। उत्तराखंड में राजस्व को चूना लगाने वाले और लोगों की जान से खेलने वाले शराब माफिया को पनपने नहीं दिया जाएगा। अवैध शराब के कारोबारी रत्ती भर भी हरकत में आएंगे तो आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल और उनकी टीम का कहर टूट पड़ेगा।
कुमांऊ में कच्ची शराब के कारोबारी शायद मुगालते में थे कि वे अबकारी महकमे की आंख में धूल झौंक देंगे लेकिन उन्हें शायद ये मालूम नहीं कि इस महकमे की कमान अनुराधा पाल जैसी कड़क अफसर के हाथ में हैं। जिससे पार पाना नामुकिंन है। ये बात इसलिए कही जा रही है कि इस वक्त कुमांऊ मंडल मे लगातार आबकारी महकमे का कहर कच्ची शराब पर टूट रहा है।
दरअसल, बीते 15 सितंबर को नैनीताल जिला स्थित रामनगर क्षेत्र में आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सघन छापेमारी अभियान के दौरान टीम ने 15,000 किलोग्राम लहन नष्ट किया, वहीं 4 जलती भट्ठियों को ध्वस्त किया और मौके से 45 लीटर कच्ची शराब जब्त की।
बताते चलें कि आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल और संयुक्त आबकारी आयुक्त (कुमाऊं) के. के. कांडपाल के कड़े निर्देशों पर यह विशेष अभियान चलाया गया। वहीं सहायक आबकारी आयुक्त हरीश जोशी के नेतृत्व में जनपदीय प्रवर्तन दल और कुमाऊं मंडल की टीम ने रामनगर के आसपास कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान आबकारी निरीक्षक मनोहर पतियाल, धीरेंद्र सिंह बिष्ट और रुचिका कांडपाल की टीम ने हल्दुआ बैरियर पर कुल 89 वाहनों की सघन चेकिंग की। इसके बाद टीम ने थारी कांडला सहित 11 संवेदनशील इलाकों में ताबड़तोड़ छापे मारे और मौके पर 2 आबकारी केस दर्ज भी किए।
इस छापेमारी के दौरान अवैध शराब बनाने के लिए छिपाकर रखा गया 15,000 किलो लहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही 4 जलती हुई भट्ठियों को तोड़कर 45 लीटर तैयार कच्ची शराब को कब्जे में लिया गया, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
आबकारी विभाग ने साफ किया है कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बहरहाल आबकारी विभाग ने चेतावानी दी है कि अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई जारी रहेगी और शराब माफिया की रीढ़ कानून के चाबुक से तोड़ दी जाएगी।

