जिनके पास सरकारी नौकरी है वो छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकते लेकिन जिनके पास नौकरी ही नहीं है वो सड़कों पर आक्रोश जता रहे हैं। देहरादून में एकता विहार धरना स्थल में पिछले 73 दिनों से धरने पर बैठे लैब टेक्नीशियनो का उबाल शुक्रवार के दिन सड़क पर निकला।
आंदोलनरत टैक्निशियनो ने गांधी पार्क से सीएम आवास तक आक्रोश रैली निकाली और मीडिया से मन की बात शेयर की। लैब टेक्नीशियन संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र ने कहा 73 दिन बाद भी हमारी फरियाद अनसुनी है, आज तक हमारी कोई मांग स्वीकार नहीं की गई है।
संघ के अध्यक्ष आशीष ने कहा राज्य बने हुए छब्बीस साल हो गए हैं लेकिन लैब टेक्नीशियन की सेवा नियमावली उत्तराखंड में नहीं बन पाई है। हम वर्षवार मेरिट के आधार पर नियुक्तियों की मांग तो कर ही रहे हैं साथ ही साथ सेवा नियमावली की गुहार भी लगा रहे हैं और जिन लैब टैक्निशियन्स ने सरकारी नौकरी की तय सीमा पार कर दी है उनको छूट देने की मांग भी कर रहे हैं।
आंदोलनकारियो ने कहा उनका ज्ञान राज्य के काम आता लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। राज्य में अस्पताल टैक्निशियन का इंतजार कर रहे है जबकि लैब निजीकरण की ओर बढ़ गई हैं जनता लुट रही है बावजूद इसके सरकार नियुक्ति देने को तैयार नहीं है। आंदोलनकारियो ने कहा सरकार हमारे सब्र का इम्तिहान ले रही है। जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।

