Uttarakhand Election: हॉट सीट चकराता पर चुनावी सरगर्मी तेज, क्या प्रीतम का किला भेद खिल पाएगा कमल?

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देहरादून। उत्तराखंड की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित चकराता विधानसभा सीट पर आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। कांग्रेस के लिए अभेद्य दुर्ग मानी जाने वाली इस हॉट सीट पर वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह का एकछत्र दबदबा है और पार्टी में उनके सामने कोई दूसरा दावेदार नहीं है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी में इस सीट से टिकट हासिल करने के लिए कई बड़े दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 से लेकर 2022 तक हुए सभी पांचों विधानसभा चुनावों में प्रीतम सिंह ने चकराता से लगातार जीत का परचम लहराया है। प्रीतम सिंह के पिता स्वर्गीय गुलाब सिंह भी चकराता से पांच बार विधायक रहे थे। पिता और पुत्र के इस मजबूत राजनीतिक आधार के कारण कांग्रेस हाईकमान को इस सीट पर जीत के लिए प्रीतम सिंह के अलावा किसी अन्य नाम पर विचार करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

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चकराता के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो प्रीतम सिंह ने पहला चुनाव 1991 में लड़ा था, जहां उन्हें जनता दल के मुन्ना सिंह चौहान से हार मिली थी। इसके बाद 1993 में उन्होंने पहली बार जीत दर्ज की, हालांकि 1996 में उन्हें फिर सपा के मुन्ना सिंह चौहान से शिकस्त झेलनी पड़ी। लेकिन राज्य बनने के बाद से 2002 से लगातार पांच बार जीतकर उन्होंने कांग्रेस में अपनी ऐसी राजनीतिक छाप छोड़ी है, जिसे लांघ पाना पार्टी के किसी अन्य नेता के लिए मुमकिन नहीं दिखता।

दूसरी तरफ, भाजपा के लिए चकराता सीट हमेशा से एक अबूझ पहेली बनी रही है। राज्य गठन के बाद हुए पांच में से तीन चुनावों में भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर भी नहीं आ सके। हालांकि, 2017 के चुनाव में भाजपा की मधु चौहान ने प्रीतम सिंह को कड़ी टक्कर दी थी और वे महज 1543 वोटों से हारी थीं। इसके बाद 2022 के चुनाव में भाजपा के राम शरण नौटियाल को प्रीतम सिंह ने 9436 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था।

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आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी की ओर से जहां मधु चौहान लगातार क्षेत्र में सक्रियता बनाए हुए हैं, वहीं राम शरण नौटियाल भी दोबारा चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इनके अलावा भाजपा के एक दायित्वधारी नेता गीताराम गौड़ भी इस सीट से अपनी किस्मत आजमाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव आंकड़ों के मुताबिक, चकराता में कुल 73,156 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 71,394 लोगों ने मतदान किया था। इस चुनाव में प्रीतम सिंह को 36,853 वोट मिले थे, जबकि उपविजेता रहे भाजपा के राम शरण नौटियाल 27,417 वोट हासिल कर पाए थे।

अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में क्या कांग्रेस अपने इस अजेय किले को बचाए रख पाती है या फिर भाजपा नया चेहरा और नई रणनीति बनाकर चकराता में पहली बार कमल खिलाने में कामयाब होती है। भाजपा संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसे सर्वमान्य प्रत्याशी का चयन करने की है जो इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ सके।