उत्तराखंड में भाजपा विधायकों को टिकट के लिए देनी होगी कड़ी परीक्षा, हाईकमान ने तय किए सख्त मानक

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देहरादून में पार्टी दफ्तर से आाई इस खबर के अनुसार, प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से अपनी रणनीतियां बुनना शुरू कर दिया है. इस आगामी चुनाव से पूर्व सभी भाजपा विधायकों को एक बेहद कड़े मूल्यांकन और कड़े मानकों की परीक्षा से गुजरना होगा।

पार्टी हाईकमान ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि किसी भी विधायक को दोबारा टिकट आसानी से नहीं मिलेगा. जो विधायक संगठन द्वारा तय किए गए इन कड़े और सख्त मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, आने वाले समय में उनकी मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं और उनका टिकट भी कट सकता है।

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सोशल मीडिया और जनसंवाद बनेंगे आधार

इस मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत पार्टी ने विधायकों के कामकाज को परखने के लिए कुछ खास पैमाने तय किए हैं, जिसमें विधायकों की अपने क्षेत्र में सक्रियता, सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति और आम जनता के साथ उनका सीधा जनसंवाद सबसे मुख्य बिंदु हैं।

इन सभी पहलुओं के आकलन के बाद ही भविष्य में टिकट वितरण पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इसी सिलसिले में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली लौटने से ठीक पहले सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर स्थिति को सुधारने के स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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नए चेहरों को मौका और जीत की रणनीति

भाजपा की इस नई रणनीति का सबसे बड़ा उद्देश्य आगामी चुनाव में सिर्फ और सिर्फ जीत हासिल करना है. प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इस बात को पहले ही पूरी तरह स्पष्ट कर चुके हैं कि 2027 के चुनाव में टिकट वितरण का एकमात्र और सबसे बड़ा आधार सिर्फ प्रत्याशी की जीत की संभावना ही होगी।

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इसी कड़ी रणनीति के कारण इस बार चुनाव में पुराने लोगों की जगह नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना काफी ज्यादा जताई जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान विधायकों को अभी से ही अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने और अपनी चुनावी तैयारियों को हर स्तर पर मजबूत करने की हिदायत दी गई है।

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