उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में एक महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है, जिसका खुलासा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-06 की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा है कि राज्य ने स्वास्थ्य के कई प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य के साथ-साथ पोषण के संकेतकों में भी उत्तराखंड की स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका श्रेय राज्य सरकार की मूल्यवान नीतियों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों को दिया है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने भी इस प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी और सुधार की आवश्यकता है, वहां विभाग लगातार काम कर रहा है, जैसे 108 एम्बुलेंस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर सेवाएं प्रदान करना।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में बेहतरीन प्रगति
एनएफएचएस-6 के नए आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तराखंड में मातृ और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। राज्य भर में गर्भवती महिलाओं के पहली तिमाही में पंजीकरण की दर जो पहले 69% थी, वह अब बढ़कर 80% हो गई है। इसके साथ ही प्रसव पूर्व जांच कवरेज भी 92% से बढ़कर 98% तक पहुंच गया है। अस्पतालों में डिलीवरी की दर में भी इजाफा हुआ है और यह 83% से बढ़कर 89% हो गई है।
नवजात शिशुओं की देखभाल की दर 79% से बढ़कर 87% पहुंच गई है, जबकि पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चों का प्रतिशत 81% से बढ़कर 86% हो गया है। इस दिशा को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया है और स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे सुधार को चिकित्सा प्रणाली के सुदृढ़ीकरण की एक बड़ी सफलता माना है।
हाई BP के मामलों में आई बड़ी कमी
राज्य के स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने रिपोर्ट के हवाले से एक और राहत जताने वाली जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित महिलाओं और पुरुषों की संख्या में काफी कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, हाई बीपी से प्रभावित महिलाओं का प्रतिशत 23% से घटकर अब 14% पर आ गया है, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 32% से घटकर अब महज 18% रह गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि राज्य में लोगों की नियमित जांच और व्यापक स्क्रीनिंग के कारण ही बीमारियों के इस स्तर को कम करने में यह बड़ी कामयाबी संभव हो पाई है।

