उत्तराखंड कांग्रेस में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने जिला और महानगर अध्यक्षों को कड़ा निर्देश देते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि वे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, तो उन्हें पहले संगठन में अपना पद छोड़ना होगा।
दो दिवसीय दौरे पर आईं प्रदेश प्रभारी ने साफ किया कि जिला व महानगर अध्यक्षों की जिम्मेदारी सिर्फ अपने लिए चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने पूरे क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभाओं में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। बैठक के दौरान पिछले छह महीनों में नियुक्त किए गए अध्यक्षों के संगठनात्मक कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जांचा गया और आगामी तीन महीनों का रोडमैप भी साझा किया गया।
कुमारी सैलजा ने पार्टी के कुछ आनुषांगिक संगठनों की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताते हुए सख्त हिदायत दी कि फ्रंटल संगठनों, प्रकोष्ठों और सभी विभागों के पदाधिकारियों को हर कार्यक्रम में समान रूप से जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने सभी नेताओं को बूथ स्तर तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने, भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने और हर कार्यकर्ता को एकजुट होकर साथ लेकर चलने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में AICC से जिला अध्यक्षों के चुनाव समिति के समन्वयक प्रभारी चिल्ला वामशी चंद्र रेड्डी, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव सहित 25 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे।

