वेबसाइट पर गढ़वाली-कुमाऊंनी में बात करेगा AI चैटबॉट, फीस से लेकर एडमिशन तक देगा हर जवाब

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अब अगर आप पौड़ी जिले में मौजूद जीबीपंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी की वेबसाइट पर जाकर गढ़वाली में पूछोगे कि संस्थान में दाखिला कब ह्वौण या इंजीनियरिंग की फीस कथगा चि, या कंप्यूटर इंजिनियरिंग की परीक्षा कब खत्म ह्वौली त, वेबसाइट बिटी त अपक हर सवाल कू जबाब गढ़वाली कुमाऊनी दगड़ी अंग्रेजी अर हिंदी मां भि मिली जालू।

जी हां यकीन मानिए संस्थान ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट के लिए ऐसा एआई चैटबोट बनाया है जो अंग्रेजी, हिंदी के साथ-साथ गढ़वाली और कुमाऊंनी में पूछे गए सवाल का जवाव भी लोकभाषा में धड़ल्ले से देगा। ये अभिनव प्रयोग संस्थान ने स्थानीय लोकभाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए किया है।

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संस्थान के एमसीए विभाग की ओर से बीते जनवरी माह में इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया गया था । इसके लिए विभाग के छात्रों और कंप्यूटर विशेषज्ञों ने एआई के लिए स्थानीय लोक बोलियों के हजारों शब्दों , वाक्यांशों और सामान्य प्रश्नो का डाटाबेस तैयार किया और चैटबॉट को प्रशिक्षित किया।

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रिजल्ट सही मिलने पर इसे संस्थान की वेबसाइट से जोड़ा गया। अब ये चैटबॉट आपको प्रवेश से लेकर पाठ्यक्रम, छात्रवृत्ति, फैकल्टी, प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट के बारे में तामाम जानकारियां कुमाऊंनी और गढ़वाली के साथ- साथ हिंदी और इंग्लिश में दे सकता है।

इसी के साथ इस उपलब्धि को हासिल करने वाला ये उत्तराखंड का पहला तकनीकी शिक्षण संस्थान बन गया है जिसने सूबे की स्थानीय बोली भाषा को डिजिटल मंच पर सजाया है और इसके विकास में योगदान दिया है। थैक्यू जीबीपंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी और उसकी कंप्यूटर इंजनियरिंग फैकल्टी और छात्र-छात्राओं की टीम का।

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जिसने ये बड़ी पहल उस दौर में की जिस दौर में उत्तराखंड पलायन की पीडा झेल रहा है और क्षेत्रीय बोली भाषाएं अपना वजूद बचाने के लिए जूझ रही हैं। समाचार 4 U की ओर से आपका बहुत -बहुत शुक्रिया।