हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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देहरादून। पवित्र हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है, जहां आगामी 10 अक्तूबर को शीतकाल के लिए धाम के कपाट विधि-विधान से बंद कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सेवा सिंह ने जानकारी दी है कि कपाट बंद होने की सभी आवश्यक तैयारियां गोविंदघाट और घांघरिया बेस कैंप पर पूरी कर ली गई हैं। यात्रा के इन अंतिम दिनों में देश-विभिन्न हिस्सों से आ रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जो पवित्र धाम में मत्था टेकने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।

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सालभर की लंबी प्रतीक्षा के बाद कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के कारण मुख्य पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इस वर्ष की यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे स्थानीय व्यापार और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोगों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार धाम की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रबंधक सेवा सिंह के अनुसार, इस वर्ष हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। अब तक 3 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के सुरक्षित आवागमन से यात्रा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

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आगामी 10 अक्तूबर को हेमकुंड साहिब के प्रांगण में इस वर्ष की अंतिम अरदास का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और शबद कीर्तन के साथ गुरुद्वारा साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए देश-विदेश से कई प्रमुख श्रद्धालु और ग्रंथी सिंह भी धाम में मौजूद रहेंगे।

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कपाट बंद होने की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अधिकारी और सेवादार सुरक्षित रूप से शीतकालीन प्रवास स्थल के लिए प्रस्थान करेंगे। अगले साल गर्मियों के मौसम में कपाट दोबारा खुलने तक यह पवित्र धाम बर्फ की सफेद चादर के आगोश में रहेगा। यात्रा के इस सफल समापन के साथ ही उत्तराखंड प्रशासन ने सर्दियों के लिए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता कर दिया है।