कहा गया है बात निकली है तो दूर तलक जाएगी! सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आय से अधिक संपत्ति मामले में पहले ही कानूनी दांव-पेंचों में उलझे हुए है ऊपर अब हरक सिंह रावत ने कटे पर नमक रगड़ दिया है। गणेश जोशी को आने वाली 3 सितंबर को विजिलेंस कोर्ट के भेजे नोटिस का जवाब देने हाजिर होना है उधर कांग्रेस के नेता हरक सिंह रावत ने ये कह कर हरे घाव पर नमक रगड़ दिया है, कि गणेश जोशी बताए उनकी इतनी आय कहां से है . न तो उन्हें सेना की पेंशन मिलती है और न उन्होंने जिंदगी में ठेकेदारी की है ।
वहीं डॉ रावत ने कहा अगर नोटिस किसी कांग्रेसी नेता को आया होता तो अब तक ED और CBI की कार्रवाई हो चुकी होती। लेकिन सरकार अपने मंत्री गणेश जोशी पर मेहरबान नजर आ रही है। हरक ने गणेश के बहाने पूरी भाजपा सरकार पर सवालिया निशान लगाया।
रावत ने कहा जब भाजपा ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए थे तब तत्काल प्रभाव से मेरे घर ED और CBI भेज दी थी। निकला कुछ नहीं। लेकिन अब सरकार अपने ही मंत्री के मामले में एक्शन लेने से बचती दिख रही है। तो क्या हरक सिंह रावत का कहना कहीं ये तो नहीं कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों की खिड़कियों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए ! बहरहाल मतलब चाहे जो भी निकले असलियत ये है कि गणेश जोशी चुनावी साल में मुश्किल में फंस गए हैं।
चौक चौराहों पर चर्चा है कि जब जिंदगी रोटी से चलनी हैं और इलाज आयुष्मान से होना है तो दुनिया में बेशुमार दौलत के लिए इतनी होड़ क्यों है ? हालांकि इसका जवाब तो वहीं दे सकते हैं जिनके पास साधन हैं ।चौक चौराहों पर चर्चा करने वाले क्या देंगे जिनके पास बेशुमार कमाई के साधन ही नहीं हैं.। बहरहाल गणेश जोशी को मिले नोटिस और हरक सिंह के बयान दोनो आम से लेकर खास तक की जुबां पर छाए हुए हैं।

