देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और कहा कि व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में मौजूद व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं। कोविड-19 जैसी कठिन परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी।

राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं बल्कि विकास का महत्वपूर्ण साझेदार मानती है। सरकार का मुख्य प्रयास यह है कि व्यापारियों को एक भयमुक्त, पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी माहौल मिले ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
व्यापारी हितों से जुड़ी अपनी आठ बड़ी घोषणाओं के तहत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत देने के लिए कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बेहतर संवाद और समस्याओं के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर ‘उद्योग मित्र समितियों’ का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके। पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया जाएगा और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू होगी।
पर्यटन और चारधाम यात्रा को लेकर उन्होंने घोषणा की कि पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार मिल सके। साथ ही, चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रमुख स्थानों पर आधुनिक पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग के पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकार के विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखण्ड में भी निवेश और व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल करते हुए सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।

राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्कों के वास्ते भूमि चिह्नित की गई है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और विभिन्न व्यापार इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत व सरिता आर्या समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

