हल्द्वानी में साइबर ठगों की दुस्साहसिक सेंधमारी, पुलिस अधिकारियों के फोन हैक कर भेजे फर्जी RTO चालान

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हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में साइबर अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए खुद पुलिस महकमे को निशाना बनाया है। शातिर ठगों ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के मोबाइल नंबर हैक कर आरटीओ के नाम से फर्जी चालान के मैसेज और संदिग्ध एपीके फाइलें भेजना शुरू कर दिया है। बीते पांच दिनों से जारी इस साइबर हमले से पुलिस और परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि ठग पुलिसकर्मियों के ही हैक किए गए नंबरों से मैसेज भेज रहे हैं। व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे इन फर्जी चालान मैसेजों में धमकी दी जा रही है कि यदि चालान की राशि तुरंत जमा नहीं की गई, तो भारी अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। मैसेज के साथ एक फर्जी APK फाइल अटैच है, जिसे डाउनलोड करते ही यूजर का फोन हैक हो जाता है

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जांच में सामने आया है कि पीड़ित अधिकारियों को जिन नंबरों से फर्जी चालान प्राप्त हो रहे हैं, वे उनके साथ पूर्व में तैनात रह चुके पुलिस कर्मचारियों के ही हैं। इससे स्पष्ट है कि ठगों ने सबसे पहले अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के फोन में सेंध लगाई और फिर उनके कांटेक्ट लिस्ट में शामिल उच्च अधिकारियों को जालसाजी का शिकार बनाने का प्रयास किया

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मामले पर आरटीओ प्रशासन डॉ. गुरदेव सिंह ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि परिवहन विभाग कभी भी व्हाट्सएप या किसी थर्ड पार्टी ऐप के माध्यम से एपीके फाइलें नहीं भेजता है। विभाग द्वारा सभी आधिकारिक ई-चालान केवल वाहन पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर पर ही भेजे जाते हैं।

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आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आई फाइल को ओपन न करें। विभाग जनता को इस तरह के एपीके मालवेयर फ्रॉड से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चला रहा है। साइबर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध चालान की पुष्टि केवल आधिकारिक परिवहन पोर्टल पर जाकर ही करें