देहरादून। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा और कड़ा कर दिया है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन पंजाब-हरियाणा के खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी डटे रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 20 अगस्त को देशभर में रोष मार्च निकाला जाएगा और सभी जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए हरियाणा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर को पांच-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया है और मौके पर पुलिस की तीन कंपनियां तैनात की गई हैं। जींद के एसपी कुलदीप सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को सीमा पर स्थिति से निपटने और सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उधर, दिल्ली जाने की अनुमति न मिलने से नाराज किसान नेताओं ने विरोध का नया रास्ता चुना है। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि बुधवार सुबह 11 बजे 51 किसानों का एक जत्था पैदल बॉर्डर पर पहुंचेगा और अपने कपड़े उतारकर धरना देगा। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सवाल उठाया कि जब केवल 51 किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते हैं, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है।
किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि आंदोलनकारी 29 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर पर डटे रहेंगे। इस दौरान 29 अगस्त तक देश के अलग-अलग राज्यों में किसान महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इन महापंचायतों के जरिए केंद्र सरकार की किसान और खेतीबाड़ी से जुड़ी नीतियों के खिलाफ आम लोगों को जागरूक किया जाएगा।
दूसरी ओर, किसान संगठनों के बीच रणनीति को लेकर अलग-अलग राय भी देखने को मिल रही है। भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों से एकजुट होने की अपील की है। वहीं, मुजफ्फरनगर में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने दो टूक कहा कि जब तक हरियाणा, यूपी, राजस्थान और पंजाब का किसान पूरी तरह एकजुट नहीं होगा, तब तक दिल्ली कूच का कोई सार्थक नतीजा निकलना मुश्किल है।

