देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में भगवान धन्वन्तरि की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने राज्य की समृद्धि, नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और जीवनशैली का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर आयुष और वेलनेस टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि आज भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को पूरी दुनिया में नई पहचान मिली है। योग और आयुर्वेद का दायरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ा है।
उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दुर्लभ जड़ी-बूटियों और जैविक संसाधनों का विशाल भंडार है। यहां का वातावरण हर्बल रिसर्च और वेलनेस सेंटर्स की स्थापना के लिए बेहद अनुकूल है, जिसका लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में आयुष सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। वेलनेस सेंटरों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में आयुर्वेद और योग को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रोगों के उपचार से ज्यादा जरूरी उनसे बचाव है, और आयुर्वेद हमें एक संतुलित व स्वस्थ जीवन जीने की दिशा दिखाता है।

